ट्रम्प राज में कहीं कथित ‘राष्ट्रवाद’ का शिकार तो नहीं हो रहे अप्रवासी भारतीय?

ट्रम्प राज में एक और भारतीय सिक्ख को गोली मार दी गयी है। यह अपने आप का चौथा वाकया है जब किसी भारतीय को निशाना बनाया गया है। याद दिला दे, पहले भारतीय मूल के अभियंता श्रीनिवास को गोली मार हत्या, फिर एकता देसाई जिसको सरेआम न्यूयॉर्क में गाली और पड़ेशान किया गया, फ़िर भारतीय मूल के व्यापारी हर्निश पटेल को गोली मार हत्या और अब भारतीय सिक्ख की को फिर से गोली मार दी गयी है।

ऐसे में कई प्रश्न खड़े होते हैं, पहला यह कि क्या यह ट्रम्प की अप्रवासी (immigrant) नीति का साइड इफ़ेक्ट है। आखिर ऐसा क्यों है कि केवल भारतीयों पर ही एक के बाद एक हमले हो रहे हैं। इस बात का दूसरा पहलु यह भी है कि कहीं ट्रम्प की आड़ में आसामाजिक और आतंकी तत्व इस काम को अंजाम दे रहे हैं।

Image: TheWrap (REALLY ARE YOU A LEAST RACISM?)

आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक से भारतीयों पर हमले होने लगे हैं। कहीं यह ट्रम्प की उस नीति का एक हिस्सा तो नहीं जिसमें उन्होंने अप्रवासियों की अमेरिका में प्रवेश करने की बात कही है। अमेरिका एक ऐसा देश रहा है जिसने नस्लवाद को पीछे छोड़ते हुए बराक ओबामा को अपना राष्ट्रपति चुना था।

कहीं अप्रवासी भारतीय अमेरिका में धीरे-धीरे उभर रहे कथित राष्ट्रवाद का शिकार तो नहीं हो रहे हैं। कहीं ऐसे हादसों से भारतीयों के मन में ‘डर’ तो नहीं पैदा किया जा रहा जिससे वह वापस डर के मारे स्वदेश वापस लौट जाए।

ज्ञात हो इससे पहले अमेरिका में अप्रवासी उद्योगपति हर्निश पटेल को उनके घर के पास गोली मार कर हत्या कर दी गई। साथ ही 22 फ़रवरी को कान्स बार में कुचिबोल्टा नामक भारतीय को गोली मार दी गई। मारने वाले ने कहा “Get out of my country” मतलब मेरे देश से निकल जाओ। इस घटना की अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी निन्दा की।

लेकिन एक के बाद एक हत्या के बाद, क्या निंदा से काम चलने वाला है। भारत सरकार क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठी है। वह क्यों नहीं अमेरिका के ‘ट्रम्प’ को एक कड़ा सन्देश देती है। भारतीय विदेश मंत्रालय को अमेरिका को अब एक कड़ा सन्देश देना चाहिये। भूलिए नहीं यह पूर्व अमेरिकन राष्ट्रपति बराक ओबामा ही थे जो भारत को असहिष्णुता का पाठ पड़ा कर गए थे। अब उन्हें जरूर अपने देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर बयान देना चाहिए।

Featured Image: Latinos Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Can There Ever Be a Reservation Free India? Supreme Court Advised Modi Government to Take Steps to Remove Reservation

Rajasthan MLA public show of Goondaism: Brash refusal to pay toll