क्या ‘अम्मा’ जयललिता किसी राजनीतिक षड्यंत्र की हुई शिकार, राजनीतिक रंजिश ने ले ली जान? खड़े हुए हैं कई प्रश्न

5 दिसंबर 2016 की रात मे आधिकारिक तौर पर जब तमिलनाडू की तत्कालीन मुख्यमंत्री ‘अम्मा’ जयललिता को मृत घोषित किया गया तब अम्मा की मौत की खबर आने के बाद तमिलनाडू मे जो हुआ वो किसी से छुपा नहीं हैं। यहाँ तक कि अम्मा की मौत के गम मे बहुत सारे लोगों ने अपने प्राण तक त्याग दिये। लेकिन जिस तरह से जयललिता की मौत हुई वो बहुत सारे संदेह पैदा करता है। जयललिता 67 साल की थी जब उनकी मौत हुई। वह पूरे 75 दिन तक ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ती रही।

आइये जयललिता की मौत के घटनाक्रम को समझा जाए:

22 सितंबर: जयललिता अपोलो हॉस्पिटल मे एड्मिट होती है। हॉस्पिटल की तरफ से बयान आता है कि अम्मा को कोई बुखार नहीं है और वह सामान्य खाना ले रही हैं।

24 सितमबर: इस दिन खबर आती है कि जयललिता को इलाज़ के लिए सिंगापुर ले जाया जाएगा। लेकिन अपोलो हॉस्पिटल इसे ठुकराते हुए कहता है कि जयललिता पूरी तरह से ठीक हैं। जल्द ही उनकी अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने मुख्यमंत्री पद का कार्यभाल संभालेंगी।

1 अक्टूबर: एआईएडीएमके के एक बड़े नेता ने कहा कि अम्मा जल्द वापस लौटेंगी।

2 अक्टूबर: एआईएडीएमके की तरफ से अम्मा की ताज़ा फोटो जारी करने की मांग ठुकराई जाती है।

4 अक्टूबर: अपोलो हॉस्पिटल कहता है कि अम्मा (जयललिता) की तबीयत मे सुधार आ रहा है। साथ ही अम्मा के स्वास्थ्य को जानने के लिए एक पीआईएल डाली जाती है। मद्रास हाइ कोर्ट तमिलनाडू के अतिरिक्त महाधिवक्ता से कहती है कि वे सरकार से अम्मा के स्वास्थ्य के बारे मे निर्देश लें।

6 अक्टूबर: एम्स के डॉक्टरों द्वारा अम्मा का इलाज़।

7 अक्टूबर: कॉंग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने पहुंचे।

12 अक्टूबर: अम्मा को अपोलो मे देखने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली पहुंचे।

27 अक्टूबर: एआईएडीएमके दावा करती है कि अम्मा जल्द ही दोबारा मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालेंगी। लेकिन अपोलो हॉस्पिटल की तरफ से जयललिता के स्वास्थ्य के बारे मे कोई बयान नहीं आया।

4 नवंबर: एक बार फिर से एआईएडीएमके के बड़े नेता ने कहा कि अम्मा आईसीयू से जल्द प्राइवेट रूम मे शिफ्ट हो जाएंगी।

25 नवंबर: अपोलो हॉस्पिटल के चेयरमेन डॉ प्रताप सी रेड्डी ने कहा कि ‘अम्मा’ जयललिता पूरी तरह से ठीक हैं और उनके प्रमुख अंग अच्छे से काम कर रहे हैं।

4 दिसंबर: जयललिता को दिल का दौरा पड़ता है। इसके कुछ ही देर बाद एआईएडीएमके की तरफ से बयान आता है कि अम्मा जल्द ही ‘घर’ वापस लौटेंगी। साथ ही एम्स की एक टीम ने भी बताया कि अम्मा दो महीने के इलाज़ के बाद पूरी तरह से ठीक हैं।

5 दिसंबर: जयललिता की मौत को लेकर बहुत सारी खबरे आनी लगी। सोशल मीडिया मे उनकी मौत की खबर आग की तरफ फ़ेल गयी।

6 दिसंबर: जयललिता को (देर रात) 12.15 बजे अपोलो हॉस्पिटल्स ने मृत घोषित कर दिया।

जयललिता के उपरोक्त घटनाक्रम को देख कर लगता है कि कुछ तो ‘गड़बड़’ है। आखिर जिन अम्मा के बारे मे लगातार खबरें आती रही कि वह पूरी तरह से ठीक है (ऊपर का घटनाक्रम देखें) वो अचानक से दुनिया को कैसे अलविदा कर गयी। जयललिता देश की बड़ी नेत्री थी जिन्होने अपने (अकेले दम पर) डीएमके को सत्ता से बेदखल किया था। उपरोक्त घटनाक्रम को देख कर यह भी लगता है कि कोई भी जयललिता के स्वास्थ्य के बारे मे सही जानकारी नहीं दे रहा था। अपोलो हॉस्पिटल ने भी एक बार को अम्मा की ‘अपडेट’ देना बंद कर दिया था।

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Image: Oneindia

बड़ा सवाल यह है कि जब शुरुआती दिनों मे अम्मा बोलने की स्थिति मे थी तो उनसे उनके समर्थकों के लिए एक विडियो बनाया जा सकता था। जिसमे वह अपने समर्थकों से कह सकती थी कि वह पूरी तरह से ठीक हैं। पर ऐसा नहीं हुआ। बस अपोलो हॉस्पिटल और एआईएडीएमके के नेता कहते रहे कि अम्मा पूरी तरह से ठीक हैं। इस दौरान समर्थकों के लिए, अम्मा के फोटोज भी लिए जा सकते थे, पर ऐसा हुआ नहीं। बस हर बार यही बताया गया कि अम्मा पूरी तरह से स्वस्थ हैं पर उसको साबित करने के लिए न उनकी कोई फोटो आई न कोई विडियो अपोलो हॉस्पिटल या एआईएडीएमके की तरफ से रिलीज हुआ। यहाँ तक कि अम्मा की भांजी दीपा जयकुमार को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। ऐसे मे सवाल उठता है कि क्या जयललिता ‘अम्मा’ किसी राजनीतिक रंजिश और षड्यंत्र का शिकार हुई। हम यहाँ किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं लेकिन परिस्थितिजनक तथ्य बताते हैं कि अम्मा किसी राजनीतिक रंजिश का शिकार हुई हैं। अम्मा के कई चाहने वालों और समर्थकों ने भी ऐसा ही अंदेशा जताया है। साथ ही मद्रास हाई कोर्ट ने भी अम्मा की मौत पर संदेह जताया है। हाई कोर्ट के न्यायधी वैद्यालिंगम ने इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान गंभीर टिप्‍पणी करते हुए कहा कि जयललिता की मौत पर मीडिया के साथ हमें भी संदेह है। हाई कोर्ट ने साथ मे यह भी कहा कि जांच के लिए अम्मा के शव को बाहर निकालने में क्‍या दिक्‍कत है?

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